राष्ट्र का निर्माण कैसे संभव है......जरूर पढे।
एक युवा किस तरह अपने राष्ट्र का निर्माण कर सके। .....@सुधीर बिश्नोई
@राष्ट्रवाद_लेख
मित्रों मैं सुधीर विश्नोई आप सभी समाज तथा मेरे देश के सभी युवाओं से विनम्र अपील करता हूं, कि अब समय आ गया है हम सब युवाओं को आगे आकर के हमारे इस राष्ट्र का पुनः निर्माण करना है। मैं चाहता हूं कि भारत देश एक बार पुनः विश्वगुरु बने, इसके लिए मित्रों हमें बहुत मेहनत करनी होगी जैसा कि आप सभी को पता है विश्व का सबसे अधिक युवा वाला देश अगर कोई है । तो भारत देश है। जिस देश में सबसे ज्यादा युवा आबादी है। वो राष्ट्र आज आखिर विकास के नाम पर इतना पिछे क्यू है, लेकिन मुझे अफसोस और फिक्र इस बात का है कि मेरे देश के युवा अलग-अलग जाति अलग-अलग धर्मों अलग-अलग संप्रदाय में बट़ चुका है । जो मेरे लिए एक अफसोस की बात है , मैं चाहता हूं कि इस देश के तमाम युवा इस राष्ट्र से प्रेम करें और इस राष्ट्र के निर्माण में भागीदारी निभाई । मैं हमेशा चाहता हूं कि मैं इस राष्ट्र के निर्माण में ज्यादा से ज्यादा योगदान किस प्रकार से दे सकूं। उसके लिए मैंने अलग-अलग समय पर अपना ध्यान और मन राष्ट्र के निर्माण में लगाने की सोची। बहुत सारे दिमाग में मेरे आइडिये आये थे , उनका मैंने सदुपयोग किया था लेकिन मित्रो आख़िर जा कर के मैंने एक रास्ता चुना था कि मैं क्यों नहीं मै एक राष्ट्रवादी पत्रकार बनकर के इस देश के सरकारी सिहासन के शीर्ष स्थान पर बैठे सरकारी नुमाइंदों को यह बता सकूं । एक राष्ट्रवादी पत्रकार किस प्रकार लोकतंत्रात्मक तरीके से सरकारों को गिरा भी सकता है और बना भी सकता है । इसलिए मुझे पता है कि पत्रकारिता के क्षेत्र में मैरे जैसे गरीब तबके उठने वाले युवाओं के लिए काफी कठिन होगा । क्योंकि इस रास्ते पर कई राह में रोडें अड़ेगे काफी दखलंदाजी होगी लेकिन हमें उन सब से ऊपर उठकर के अपने राष्ट्र को सर्वोपरि मानते हुए उन तमाम कठिनाइयों को हंसते-हंसते पार करते हुए राष्ट्र के निर्माण में आगे आना होगा। मित्रों जैसा कि आप सभी को विदित है कि आज के समय में सोशल साइट बहुत बड़ा एक प्लेटफार्म है ,.इसके माध्यम से जुड़कर के सरकारी हुकूमतों को सीधे अपनी बात को नीचे से उपर तक पहुंचा करके यह बता सकते हैं , कि अब वह समय नहीं है इस देश का युवा अभी भी सो रहा है। इस देश का युवा अब जाग चुका है, और हम यह चाहते हैं कि सरकारे सही दिशा में काम करें के इस राष्ट्र के विकास के यज्ञ में अपनी आहुति दें । हम जानते हैं कि जब तक हमारे राष्ट्र का निर्माण नहीं होगा तब तक हम सभी युवा राष्ट्रवादी नहीं होंगे। मै यह नहीं चाहता हुं कोई धर्म या संप्रदाय आगे नही बढ़े हमें मालुम है कि धर्म व संप्रदाय के आगे बढने से ही तो मित्रों राष्ट्र का निर्माण होगा। दोस्तो मैं अभी वर्तमान में मास्टर डिग्री पत्रकारिता कर रहा हूं ।मैं सोच रहा हूं कि आगे पत्रकारिता के क्षेत्र में पीएचडी (P.hd)डॉ. करके के इस राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान दूं। इसलिए मैं दिन-रात इसी मेहनत में लगा हुआ हूं एक किसान परिवार से होने की वजह से बहुत से आर्थिक स्थिति से गुजरना पड़ता है फिर भी मैं उन मुद्दों से डरने वाला नहीं हूं मुझे कितना भी धमकी मिले लेकिन चलुगां इसी रस्ते पर। मैं जो मेरा सपना है उसको एक दिन हंसते हंसते पूरा करके आप लोगों को बताऊंगा । मैं चाहता हूं कि जब मैं राष्ट्र के निर्माण में अच्छा कर सकूं तो मेरे देश की आने वाली पीढ़ी मेरे जैसे लोगों की बातों को सुनेंगे और वह देखेंगे कि उन गरीब घर से आने वाले लोगों ने विपरीत परिस्थितियों में सुदूर पश्चिमी राजस्थान के उन तपते.धोरों से निकलकर कोई व्यक्ति इस राष्ट्र के निर्माण में अपना अभूत पूर्व योगदान दें इससे बड़ा कोई राष्ट्र निर्माण नहीं होता है । मैं चाहता हूं कि आप जैसे युवाओं का मुझे इसी तरह साथ
सहयोग मिलें ताकि हम सब मिलकर के कंधे से कंधा मिलाकर इस भारत राष्ट्र के निर्माण को आगे बढ़ा सकें और हमारा देश एक बार फिर से विश्व गुरु बन सके।
!! जय हिन्द।। वन्देमातरम।।
धन्यवाद।।
@युवा लेखक एंव पत्रकार सुधीर बिश्नोई कि कलम से....।।।
@राष्ट्रवाद_लेख
मित्रों मैं सुधीर विश्नोई आप सभी समाज तथा मेरे देश के सभी युवाओं से विनम्र अपील करता हूं, कि अब समय आ गया है हम सब युवाओं को आगे आकर के हमारे इस राष्ट्र का पुनः निर्माण करना है। मैं चाहता हूं कि भारत देश एक बार पुनः विश्वगुरु बने, इसके लिए मित्रों हमें बहुत मेहनत करनी होगी जैसा कि आप सभी को पता है विश्व का सबसे अधिक युवा वाला देश अगर कोई है । तो भारत देश है। जिस देश में सबसे ज्यादा युवा आबादी है। वो राष्ट्र आज आखिर विकास के नाम पर इतना पिछे क्यू है, लेकिन मुझे अफसोस और फिक्र इस बात का है कि मेरे देश के युवा अलग-अलग जाति अलग-अलग धर्मों अलग-अलग संप्रदाय में बट़ चुका है । जो मेरे लिए एक अफसोस की बात है , मैं चाहता हूं कि इस देश के तमाम युवा इस राष्ट्र से प्रेम करें और इस राष्ट्र के निर्माण में भागीदारी निभाई । मैं हमेशा चाहता हूं कि मैं इस राष्ट्र के निर्माण में ज्यादा से ज्यादा योगदान किस प्रकार से दे सकूं। उसके लिए मैंने अलग-अलग समय पर अपना ध्यान और मन राष्ट्र के निर्माण में लगाने की सोची। बहुत सारे दिमाग में मेरे आइडिये आये थे , उनका मैंने सदुपयोग किया था लेकिन मित्रो आख़िर जा कर के मैंने एक रास्ता चुना था कि मैं क्यों नहीं मै एक राष्ट्रवादी पत्रकार बनकर के इस देश के सरकारी सिहासन के शीर्ष स्थान पर बैठे सरकारी नुमाइंदों को यह बता सकूं । एक राष्ट्रवादी पत्रकार किस प्रकार लोकतंत्रात्मक तरीके से सरकारों को गिरा भी सकता है और बना भी सकता है । इसलिए मुझे पता है कि पत्रकारिता के क्षेत्र में मैरे जैसे गरीब तबके उठने वाले युवाओं के लिए काफी कठिन होगा । क्योंकि इस रास्ते पर कई राह में रोडें अड़ेगे काफी दखलंदाजी होगी लेकिन हमें उन सब से ऊपर उठकर के अपने राष्ट्र को सर्वोपरि मानते हुए उन तमाम कठिनाइयों को हंसते-हंसते पार करते हुए राष्ट्र के निर्माण में आगे आना होगा। मित्रों जैसा कि आप सभी को विदित है कि आज के समय में सोशल साइट बहुत बड़ा एक प्लेटफार्म है ,.इसके माध्यम से जुड़कर के सरकारी हुकूमतों को सीधे अपनी बात को नीचे से उपर तक पहुंचा करके यह बता सकते हैं , कि अब वह समय नहीं है इस देश का युवा अभी भी सो रहा है। इस देश का युवा अब जाग चुका है, और हम यह चाहते हैं कि सरकारे सही दिशा में काम करें के इस राष्ट्र के विकास के यज्ञ में अपनी आहुति दें । हम जानते हैं कि जब तक हमारे राष्ट्र का निर्माण नहीं होगा तब तक हम सभी युवा राष्ट्रवादी नहीं होंगे। मै यह नहीं चाहता हुं कोई धर्म या संप्रदाय आगे नही बढ़े हमें मालुम है कि धर्म व संप्रदाय के आगे बढने से ही तो मित्रों राष्ट्र का निर्माण होगा। दोस्तो मैं अभी वर्तमान में मास्टर डिग्री पत्रकारिता कर रहा हूं ।मैं सोच रहा हूं कि आगे पत्रकारिता के क्षेत्र में पीएचडी (P.hd)डॉ. करके के इस राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान दूं। इसलिए मैं दिन-रात इसी मेहनत में लगा हुआ हूं एक किसान परिवार से होने की वजह से बहुत से आर्थिक स्थिति से गुजरना पड़ता है फिर भी मैं उन मुद्दों से डरने वाला नहीं हूं मुझे कितना भी धमकी मिले लेकिन चलुगां इसी रस्ते पर। मैं जो मेरा सपना है उसको एक दिन हंसते हंसते पूरा करके आप लोगों को बताऊंगा । मैं चाहता हूं कि जब मैं राष्ट्र के निर्माण में अच्छा कर सकूं तो मेरे देश की आने वाली पीढ़ी मेरे जैसे लोगों की बातों को सुनेंगे और वह देखेंगे कि उन गरीब घर से आने वाले लोगों ने विपरीत परिस्थितियों में सुदूर पश्चिमी राजस्थान के उन तपते.धोरों से निकलकर कोई व्यक्ति इस राष्ट्र के निर्माण में अपना अभूत पूर्व योगदान दें इससे बड़ा कोई राष्ट्र निर्माण नहीं होता है । मैं चाहता हूं कि आप जैसे युवाओं का मुझे इसी तरह साथ
सहयोग मिलें ताकि हम सब मिलकर के कंधे से कंधा मिलाकर इस भारत राष्ट्र के निर्माण को आगे बढ़ा सकें और हमारा देश एक बार फिर से विश्व गुरु बन सके।
!! जय हिन्द।। वन्देमातरम।।
धन्यवाद।।
@युवा लेखक एंव पत्रकार सुधीर बिश्नोई कि कलम से....।।।

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